वामपंथ जिहादी मानसिकता और विचारधारा से भी अधिक घातक है|ये कुतर्क और अनर्गल प्रलाप के स्वयंभू ठेकेदार हैं!रक्तरंजित क्रांति के नाम पर इसने जितना खून बहाया है,मानवता का जितना गला घोंटा है,उतना शायद ही किसी अन्य विचारधारा ने किया हो|जिन-जिन देशों में वामपंथी शासन है,वहाँ गरीबों-मज़लूमों,सत्यान्वेषियों-विरोधियों आदि की आवाज़ को किस क़दर दबाया-कुचला गया है,उसके स्मरण मात्र से ही सिहरन पैदा होती है|यह भी शोध का विषय है कि रूस और चीन पोषित इस विचारधारा ने अपनी विस्तारवादी नीति के तहत इसके प्रचार-प्रसार के लिए कितने घिनौने हथकंडे अपनाए?वामपंथी शासन वाले देशों में न्यूनतम लोकतांत्रिक अधिकार भी जनसामान्य को नहीं दिए गए,परंतु दूसरे देशों में इनके पिछलग्गू लोकतांत्रिक मूल्यों की दुहाई देकर जनता को भ्रमित करने की कुचेष्टा करते रहते हैं|
Tech Rays
Wednesday, 25 September 2019
मित्रों,वामपंथ पर मेरा लिखा यह लेख थोड़ा लंबा ज़रूर है,पर है तथ्यपरक और रोचक,इसके आँकड़े और तर्क तथाकथित वामपंथी बुद्धिजीवियों से निपटने में सहायक सिद्ध होंगे,कृपया पढ़कर अपनी राय ज़रूर दें:-
वामपंथ जिहादी मानसिकता और विचारधारा से भी अधिक घातक है|ये कुतर्क और अनर्गल प्रलाप के स्वयंभू ठेकेदार हैं!रक्तरंजित क्रांति के नाम पर इसने जितना खून बहाया है,मानवता का जितना गला घोंटा है,उतना शायद ही किसी अन्य विचारधारा ने किया हो|जिन-जिन देशों में वामपंथी शासन है,वहाँ गरीबों-मज़लूमों,सत्यान्वेषियों-विरोधियों आदि की आवाज़ को किस क़दर दबाया-कुचला गया है,उसके स्मरण मात्र से ही सिहरन पैदा होती है|यह भी शोध का विषय है कि रूस और चीन पोषित इस विचारधारा ने अपनी विस्तारवादी नीति के तहत इसके प्रचार-प्रसार के लिए कितने घिनौने हथकंडे अपनाए?वामपंथी शासन वाले देशों में न्यूनतम लोकतांत्रिक अधिकार भी जनसामान्य को नहीं दिए गए,परंतु दूसरे देशों में इनके पिछलग्गू लोकतांत्रिक मूल्यों की दुहाई देकर जनता को भ्रमित करने की कुचेष्टा करते रहते हैं|
Thursday, 9 March 2017
Wednesday, 8 March 2017
Monday, 6 March 2017
Sunday, 5 March 2017
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